खुशबू रचते हैं हाथ

खुशबू रचते हैं हाथ


खुशबू रचते हैं हाथ



    कहीं गलियों के बीच
    कई नालों के पास
    कूड़े करकट
    के ढेरो के बाद
    बदबू से से फटते जाते इस
    टोले के अंदर के अंदर
    खुशबू रचते हैं हाथ
    खुशबू रचते हैं हाथ


    उभरी नसोंवाले हाथ
    घिसे नाखूनों वाले हाथ
    पीपल के पत्ते से नए-नए हाथ
    जूही की दाल से खुशबूदार हाथ
    गंदे कटे पीते हैं
    जख्म से फटे हुए हाथ
    खुशबू रचते हैं हाथ।
    खुशबू रचते हैं हाथ

    यही इस गली में बनती है
    मुल्क की मशहूर अगरबातीयाँ
    इन्हीं गंदे मुहल्लों के गंदे लोग
    बनाते हैं केवड़ा ,गुलाब ,खस 
    और रातरानी अगरबतियाँ
      दुनिया की सारी गंदगी के बीच 
    खुशब रचते हैं हाथ
       खुशबू रचते हैं हाथ
             
    🙏धन्यवाद🙏

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